रोहित-विराट की तरह खेलते तो हार जाते… वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्या का बयान, बोले– 2024 का ‘वायरस’ हटाया
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नई दिल्ली।
टी20 क्रिकेट में बदलते दौर के साथ टीम इंडिया की रणनीति भी बदल गई है। टी20 विश्व कप जीतने के बाद कप्तान Suryakumar Yadav का एक बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय टीम ने 2024 की तरह पारंपरिक अंदाज़ में खेलने की कोशिश की होती, तो शायद टीम खिताब नहीं जीत पाती।
सूर्यकुमार यादव ने इशारों-इशारों में कहा कि पुराने ढर्रे की सोच को बदलना जरूरी था। उनका मानना है कि टीम ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा जीत को प्राथमिकता दी और यही बदलाव सफलता की वजह बना।
उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट अब पहले जैसा नहीं रहा। पहले टीम का खेल अनुभव और पारी को संभालकर आगे बढ़ाने पर आधारित था, जिसकी अगुवाई Rohit Sharma और कोच Rahul Dravid के दौर में दिखती थी। उस समय की रणनीति संतुलित और सुरक्षित मानी जाती थी, लेकिन तेज़ होते टी20 फॉर्मेट में अब आक्रामकता और निडर बल्लेबाजी की मांग बढ़ गई है।
सूर्यकुमार ने कहा कि टीम ने 2024 की सोच को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह नई मानसिकता अपनाई। उनके शब्दों में, “हमें पुराने सिस्टम का ‘वायरस’ हटाना पड़ा। अगर हम उसी तरह खेलते रहते, तो शायद ट्रॉफी नहीं जीत पाते।”
टीम के नए दौर में कोच Gautam Gambhir की रणनीति और कप्तान सूर्यकुमार यादव की आक्रामक सोच का बड़ा योगदान माना जा रहा है। इस नई रणनीति में शुरुआत से ही तेज़ रन बनाने, जोखिम लेने और विपक्ष पर लगातार दबाव बनाए रखने पर जोर दिया गया।
हालांकि क्रिकेट जगत में सूर्या के इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह बयान पूर्व कप्तान Rohit Sharma और सीनियर बल्लेबाज Virat Kohli की शैली पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल इतना तय है कि भारतीय टीम ने बदलते टी20 क्रिकेट के साथ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया और उसी नई सोच ने उसे विश्व चैंपियन बनने तक पहुंचाया।
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