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नई दिल्ली. दरबार साहिब यानी Golden Temple और Vaishno Devi जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। बहुप्रतीक्षित Delhi–Amritsar–Katra Expressway अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
National Highways Authority of India (NHAI) के अनुसार, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च तक पूरा होने की संभावना है। इसके शुरू होते ही दिल्ली से अमृतसर की दूरी महज 4 घंटे में और कटरा का सफर लगभग 6 घंटे में तय किया जा सकेगा।
यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2021 में शुरू हुआ था। तय समय से पहले पूरा होना था, लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारी बाढ़ के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे देरी हुई। अब निर्माण तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से करीब 139 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी घटेगी। यात्रियों के लिए सफर अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा और पंजाब व जम्मू-कश्मीर के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल Karan Kundrra और Tejasswi Prakash एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें करण कुंद्रा के सीने पर तेजस्वी प्रकाश का चेहरा टैटू के रूप में नजर आया।
वीडियो सामने आते ही फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई। किसी ने इसे सच्चे प्यार की निशानी बताया तो कुछ लोगों ने इसे एआई जनरेटेड इमेज करार दिया। ‘तेजरन’ की जोड़ी पहले ही फैंस की फेवरेट है, ऐसे में यह रोमांटिक जेस्चर तेजी से वायरल हो गया।
मामले पर बढ़ती अटकलों के बीच करण कुंद्रा ने खुद इस टैटू की सच्चाई साफ की। उन्होंने बताया कि यह परमानेंट टैटू नहीं है, बल्कि एक क्रिएटिव इफेक्ट था, जिसे वीडियो के लिए इस्तेमाल किया गया। यानी यह एआई या डिजिटल एडिटिंग का कमाल था, असली टैटू नहीं।
हालांकि सच सामने आने के बाद भी फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर लोग करण के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं और दोनों की केमिस्ट्री को सराह रहे हैं।
दोनों की मुलाकात 1963 में एक फिल्म के सेट पर हुई थी, जहां से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
हालांकि यह रिश्ता आसान नहीं था। उस समय सलीम खान पहले से ही Salma Khan से शादीशुदा थे। एक इंटरव्यू में हेलेन ने बताया था कि शुरुआत में वे सलमा खान के सामने आने से कतराती थीं। जब भी वह सामने दिख जातीं, हेलेन अपनी कार में छिप जाती थीं। उन्हें डर था कि कहीं किसी को ठेस न पहुंचे।
समय के साथ हालात बदले। सलीम खान ने अपने रिश्ते को नाम और सम्मान देने के लिए 1980 में हेलेन से शादी कर ली। परिवार में शुरुआत में असहजता रही, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में अपनापन आ गया।
हेलेन ने अपने बेटे Arbaaz Khan को एक बार बताया था, “तुम्हारी मम्मी (सलमा) मेरे साथ हमेशा अच्छी रहीं।” यह बात उनके रिश्तों की गहराई और परिपक्वता को दर्शाती है।
आज हेलेन का सलीम खान के सभी बच्चों और गोद ली हुई बेटी Arpita Khan Sharma के साथ बेहद प्रेमपूर्ण और मजबूत रिश्ता है। यह कहानी इस बात की मिसाल है कि समझ, सम्मान और समय के साथ रिश्ते नई दिशा पा सकते हैं।
पहला प्यार और शादी टूटने के बाद उन्हें लगा था कि अब जिंदगी में दोबारा प्यार की जगह नहीं बचेगी। साल 2014 में उन्होंने पहली शादी की, लेकिन महज दो साल बाद रिश्ता टूट गया और तलाक हो गया। इस दौर ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया।
बताया जाता है कि इसी बीच एक ज्योतिषी से मुलाकात हुई, जिसने भविष्यवाणी की—“तुम 32 साल की उम्र में शादी करोगी।” उस समय यह बात मजाक जैसी लगी। उन्हें लगा कि अब दोबारा शादी करना संभव नहीं।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। समय बीता और उनकी जिंदगी में नए शख्स की एंट्री हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार परवान चढ़ा। हैरानी की बात यह रही कि डेटिंग शुरू होने के महज एक महीने बाद ही वह प्रेग्नेंट हो गईं।
हालात और भावनाओं को समझते हुए दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। इस तरह 32 साल की उम्र में उन्होंने दूसरी शादी रचाई—बिल्कुल वैसा ही जैसा ज्योतिषी ने कभी कहा था।
यह कहानी बताती है कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव के बावजूद उम्मीद की किरण बनी रहती है। कभी-कभी जो बात असंभव लगती है, वही सच बन जाती है।
हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक शख्स ने पहले खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया, लेकिन सुनवाई के दौरान भारतीय पासपोर्ट पेश कर दिया। विरोधाभासी दस्तावेजों के कारण कोर्ट ने कड़े सवाल उठाए और मामले ने कानूनी हलकों में हलचल मचा दी।
याकूतपुरा निवासी 33 वर्षीय सैयद अली हुसैन इमरान ने पुलिस पूछताछ पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। उनका दावा था कि वह भारत में जन्मे और पले-बढ़े हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में उनकी नागरिकता को लेकर अलग जानकारी सामने आई।
सुनवाई के दौरान इमरान के वकील ने वर्ष 2022 में जारी भारतीय पासपोर्ट कोर्ट में पेश किया। इस पर सरकारी पक्ष ने बताया कि गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में ऐसे किसी पासपोर्ट का विवरण उपलब्ध नहीं है। इस विसंगति पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हर सुनवाई में नए तथ्य सामने आना मामले को और उलझा रहा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट की प्रामाणिकता की जांच करना अदालत का कार्यक्षेत्र नहीं है। अंततः विरोधाभासी दस्तावेजों के बीच याचिका वापस ले ली गई। अदालत ने जांच एजेंसियों को मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई करने की छूट दे दी है।
यह मामला पहचान, दस्तावेजों की विश्वसनीयता और कानूनी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।c
पश्चिम बंगाल से सामने आई एक घटना ने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा जाता है, “भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां को बनाया है”, लेकिन इस कहानी में हालात कुछ और ही बयां करते हैं।
करीब 20 साल पहले पारिवारिक विवाद और आर्थिक तंगी के कारण महिला अपने परिवार से अलग हो गई थी। परिस्थितियों ने उसे अपनों से दूर कर दिया। लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद जब वह दोबारा अपने बेटों के संपर्क में आई, तो उसे उम्मीद थी कि बीते सालों की दूरियां मिट जाएंगी।
बताया जा रहा है कि बेटों ने मां को अपनाने से पहले कुछ शर्तें रख दीं। इनमें संपत्ति से जुड़े मुद्दे और रहने की व्यवस्था को लेकर स्पष्टता शामिल थी। मां के लिए यह पल भावनात्मक रूप से बेहद भारी था। एक ओर वर्षों बाद अपनों से मिलने की खुशी, तो दूसरी ओर अपनाए जाने की शर्तों का दर्द—इन दोनों के बीच वह टूटती नजर आई।
स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवारों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। मां-बेटे का रिश्ता शर्तों पर नहीं, बल्कि विश्वास और स्नेह पर टिका होता है।
यह घटना समाज के सामने यह सवाल छोड़ जाती है कि बदलते समय में रिश्तों की परिभाषा क्या रह गई है? क्या आर्थिक और सामाजिक दबाव भावनात्मक संबंधों से बड़े हो गए हैं?
राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि इतिहास बताता है कि इस शहर की पहचान समय-समय पर बदलती रही है। प्राचीन ग्रंथ महाभारत में वर्णित इंद्रप्रस्थ को पांडवों की राजधानी माना जाता है, जिसे वर्तमान दिल्ली क्षेत्र से जोड़ा जाता है।
मध्यकाल में तोमर वंश के शासकों ने ‘ढिल्लिका’ नामक नगर बसाया, जिससे ‘दिल्ली’ शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है। 12वीं सदी में पृथ्वीराज चौहान ने किला राय पिथौरा का विस्तार किया, जो उस दौर का प्रमुख केंद्र बना।
इसके बाद दिल्ली सल्तनत के शासकों ने सीरी, तुगलकाबाद और फिरोजाबाद जैसे नए शहर बसाए। 17वीं सदी में मुगल सम्राट शाहजहां ने शाहजहानाबाद की स्थापना की, जो आज पुरानी दिल्ली के रूप में जानी जाती है।
ब्रिटिश शासनकाल में 1911 में राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया और ‘नई दिल्ली’ नाम दिया गया, जिसका औपचारिक उद्घाटन 1931 में हुआ।
इतिहासकारों के अनुसार, दिल्ली केवल एक शहर नहीं बल्कि सभ्यताओं का संगम है, जिसने अलग-अलग कालखंडों में अलग नाम और पहचान पाई।
शिमला। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 19 फरवरी को आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले ने दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने ला खड़ा किया। राजधानी शिमला में करीब 20 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला, जिसका अंत गुरुवार सुबह हुआ।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की 20 सदस्यीय टीम ने शिमला जिले के रोहड़ू के चिड़गांव स्थित एक होटल से सौरभ सिंह, अरबाज़ खान और सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया। ये तीनों एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के आरोपी बताए गए हैं।
जब दिल्ली पुलिस टीम आरोपियों को लेकर वापस जा रही थी, तभी सोलन जिले के धर्मपुर में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में ले लिया। हिमाचल पुलिस का आरोप था कि गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना की गई।
इसके बाद आरोपियों और दिल्ली पुलिस कर्मियों को शिमला लाया गया और अदालत में पेश किया गया। कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड की मांग की गई। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच शोघी बैरियर पर तीखी बहस भी देखने को मिली।
आखिरकार, सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Vastu Tips For Kitchen: घर की रसोई को सिर्फ भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार रसोई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि पर असर डालती हैं। इन्हीं में से एक आदत है रोटियां गिनकर बनाना।
भोपाल के ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, जितने सदस्य उतनी ही रोटियां बनाना अभाव की मानसिकता का प्रतीक माना जाता है। वास्तु मान्यताओं में अन्न को देवी का रूप माना गया है। अन्नपूर्णा को अन्न की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, इसलिए रसोई में कमी या गणना की भावना रखना शुभ नहीं समझा जाता।
अभाव की सोच का संकेत: गिनकर रोटियां बनाना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि घर में अन्न सीमित है।
बरकत पर प्रभाव: मान्यता है कि इससे घर की समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
अतिथि सत्कार की भावना: भारतीय परंपरा में अतिथि को देवता माना गया है, इसलिए 1-2 रोटियां अतिरिक्त बनाना उदारता का प्रतीक है।
रोटियां 1-2 अधिक बनाएं।
ताजा आटे का उपयोग करें।
शांत मन से भोजन पकाएं।
बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों को दान करें।
मान्यताओं के अनुसार, अन्न का सम्मान और सकारात्मक सोच घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
अक्सर घरों में गमले में लगा कांटेदार सा दिखने वाला ऐलोवेरा नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यही पौधा सेहत और सुंदरता का खजाना है। Aloe vera की पत्तियों के अंदर पाया जाने वाला पारदर्शी जेल विटामिन A, C, E, B12, फोलिक एसिड, एंजाइम, मिनरल और अमीनो एसिड से भरपूर होता है। सही मात्रा में इसका उपयोग कई समस्याओं में लाभ पहुंचा सकता है।
नेचुरल मॉइश्चराइज़र: त्वचा को बिना चिपचिपाहट के हाइड्रेट रखता है।
सनबर्न में राहत: इसकी ठंडी तासीर धूप से झुलसी त्वचा को आराम देती है।
मुहांसों में असरदार: एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स कम करने में मदद करते हैं।
एंटी-एजिंग प्रभाव: एंटीऑक्सीडेंट झुर्रियों को कम कर त्वचा में निखार लाते हैं।
डैंड्रफ से छुटकारा: एंटीफंगल गुण खुजली और रूसी को कम करते हैं।
बालों की मजबूती: स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर जड़ों को मजबूत करता है।
नेचुरल कंडीशनर: बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है।
ऐलोवेरा जूस सीमित मात्रा में लेने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज में राहत मिलती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। कुछ शोधों में यह वजन और ब्लड शुगर नियंत्रण में भी सहायक माना गया है।
ध्यान रखें: अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदेह हो सकता है। गर्भवती महिलाएं या किसी बीमारी से ग्रसित लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
मिर्जापुर। पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार से पहले स्नान करना क्यों जरूरी माना गया है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। विंध्यधाम के विद्वान ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि के अनुसार, शास्त्रों में स्नान को नित्यकर्म का अनिवार्य हिस्सा बताया गया है।
गरुड़ पुराण, मनुस्मृति और एकलव्य स्मृति जैसे ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि बिना स्नान के देव पूजन, जप या हवन करने से पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती। शास्त्रों के अनुसार स्नान शरीर और मन की शुद्धि का माध्यम है। जब मन शुद्ध होता है, तब भक्ति, एकाग्रता और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि स्नान से केवल बाहरी स्वच्छता ही नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता का भी अनुभव होता है। जल तत्व को पवित्रता और ऊर्जा का स्रोत माना गया है। स्नान के बाद शरीर में नई चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी स्नान को लाभकारी माना गया है। सुबह स्नान करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, मानसिक ताजगी मिलती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। यही कारण है कि स्नान को पूजा का पहला और महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। विटामिन और मिनरल्स के साथ-साथ प्रोटीन भी एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी कमी से शरीर कमजोर होने लगता है। प्रोटीन मांसपेशियों (मसल्स) के निर्माण, त्वचा की सेहत, बालों और नाखूनों की मजबूती के लिए अहम भूमिका निभाता है। बच्चों की ग्रोथ, टिश्यू रिपेयर, एंजाइम और हार्मोन बनाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।
अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, थकान महसूस होती है और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में रोजाना की डाइट में सही मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है।
शाकाहारी लोगों को प्रोटीन के लिए नॉनवेज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। कई पौध-आधारित खाद्य पदार्थों में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है, जैसे:
नई दिल्ली/सीकर। गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान के सीकर निवासी किसान विकास कुमार सैनी ने 9 वर्षों की मेहनत के बाद ‘अजय राज’ नामक गेहूं की नई वैरायटी विकसित की है। यह किस्म करीब 6.5 फीट ऊंची बताई जा रही है और दावा किया जा रहा है कि आंधी, बारिश और तेज हवाओं में भी फसल आसानी से नहीं गिरती।
विकास कुमार सैनी हाल ही में अपनी इस विशेष किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान लेकर पहुंचे, जहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जा रहा है कि यह गेहूं पोषण से भरपूर, स्वाद में बेहतर और मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को सहन करने में सक्षम है।
किसान का दावा है कि यदि यह किस्म बड़े स्तर पर अपनाई जाती है तो पारंपरिक किस्मों की तुलना में किसानों को दोगुना नहीं बल्कि तीन गुना तक लाभ मिल सकता है। यही वजह है कि इसे ‘सुपर फूड’ गेहूं भी कहा जा रहा है।
विकास सैनी ने इस वैरायटी पर अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी में आवेदन भी किया है, ताकि भविष्य में इस पर उनका स्वामित्व सुनिश्चित रहे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह किस्म सभी परीक्षणों पर खरी उतरती है, तो यह गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर इजरायल पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ दिखाई दी। उन्होंने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया, जो भारत-इजरायल के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
इस दौरान एक दिलचस्प दृश्य ने सबका ध्यान खींचा। सारा नेतन्याहू भगवा रंग की ड्रेस में नजर आईं। भारतीय संस्कृति में भगवा रंग त्याग, आध्यात्मिकता और साहस का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उनके इस परिधान को लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों और सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे भारत के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव का संकेत बताया।
भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी का यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी।
नई दिल्ली , आर. डी. इंटरनेशनल स्कूल पॉकेट 9 & 13 सेक्टर 21, रोहिणी दिल्ली में आज अपना वार्षिक बड़ी धूम-धाम से मनाया । समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रीमती ओमशीला, सत्यवीर सिंह भास्कर, अतिथि के रूप में उपस्थित थे । स्कूल स्टाफ, शिक्षक, शिक्षिकाएं, प्रिंसिपल, स्थानीय गणमान्य लोग, छात्र-छात्राएं सहित भारी संख्या में अभिभावक गण मौजूद थे । स्कूल के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक, मनमोहक, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए | स्कूल के चेयरमैन, श्री राहुल ढाका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की | इस अवसर पर स्कूल के लिए बड़े गर्व की बात है की स्कूल के छात्रों ने गोल्ड, सिल्वर, पदक भी जीते |
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए | स्कूल की प्रिंसिपल योगिता ढाका, ने कहा कि इस आर. डी. इंटरनेशनल स्कूल को स्वर्गीय श्री जयकिशन जी, व श्रीमती सुशीला जयकिशन, राहुल ढाका, वरुण ढाका, वरुणा ढाका, व स्टाफ ने अपनी मेहनत से खड़ा किया है | इसी दौरान पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय श्री जय किशन जी की याद किया व हमें हमेसा उनके मार्गदर्शन पे चलना चाहिए | मैं उनका अभिनंदन करती हूं । आजका दिन छात्रों के लिए तो महत्वपूर्ण होता ही है अभिभावकों के लिए उससे भी अधिक महत्वपूर्ण होता है |
उन्होंने कहा कि आज-कल जो क्राइम बढ़ रहे है उनसे अपने बच्चों को दूर रखते हुए उन्हे अच्छा नागरिक बनाएं । उन्होंने कहा कि जीत के लिए जुनून चाहिए । कार्यक्रम को श्रीमति ओमशीला, सत्यवीर सिंह भास्कर आदि ने भी संबोधित किया और छात्र-छात्राओं को मनोबल बढ़ाया । अपने देश व स्कूल का नाम रोशन करें बच्चों के माता-पिता को भी अपने बच्चों का खेल के लिए प्रोत्साहन करें | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल के चेयरमैन राहुल ढाका ने आमंत्रित अतिथियों का आभार प्रकट किया व भारी संख्या में मौजूद अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि आपके सहयोग से मैं बहुत उत्साहित हूं जिसमें पिछले शैक्षणिक वर्ष की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया गया । मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और छात्रों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। शारीरिक शिक्षा के अतिरिक्त विदेशी भाषाओं की पढ़ाई भी इसी स्कूल में पढ़ाई जाती है । अंत में, मेधावी छात्रों को शिक्षा, खेल और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में पूर्व विधायका सुशीला जय किशन, राहुल ढाका, योगिता ढाका, वरुण ढाका, वरुणा ढाका, स्कूल स्टाफ, आदि की प्रमुख भूमिका रही |
Bangladesh में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालिया घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांदनीपुर इलाके में एक दिव्यांग हिंदू महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना में शामिल तीनों आरोपी पहचाने जा चुके हैं, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश को जन्म दिया है।
इसी बीच गायकबांधा क्षेत्र में एक हिंदू वकील की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर उनकी जान ली। इन घटनाओं के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल है।
देश के प्रधानमंत्री Tarique Rahman के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बावजूद विपक्षी दल और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच जारी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विंध्य पर्वतमाला की ऊंची पहाड़ी पर स्थित Kalinjar Fort भारतीय इतिहास का एक अद्भुत और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दुर्ग रहा है। समुद्र तल से करीब 1200 फीट की ऊंचाई पर बना यह किला सदियों तक अजेय माना जाता रहा।
इसी किले की प्राचीरों के सामने 16वीं सदी के महान शासक Sher Shah Suri की आखिरी सांसें थमी थीं। शेरशाह सूरी ने अपने शासनकाल में प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण (ग्रैंड ट्रंक रोड) और मजबूत सैन्य नीति के कारण उत्तर भारत में अपनी विशेष पहचान बनाई थी।
साल 1545 में कालिंजर किले को जीतने के अभियान के दौरान उन्होंने किले पर तोपों से हमला करने का आदेश दिया। किंवदंतियों और इतिहासकारों के अनुसार, एक तोप के गोला-बारूद में अचानक विस्फोट हो गया। इस धमाके में शेरशाह गंभीर रूप से घायल हो गए। कहा जाता है कि मौत की आहट से अनजान सम्राट ने आखिरी समय तक युद्ध जारी रखने का आदेश दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।
शेरशाह सूरी का अंत जितना अचानक था, उतना ही ऐतिहासिक भी। उनके निधन के साथ ही सूरी शासन की शक्ति कमजोर पड़ने लगी। कालिंजर का किला आज भी उस निर्णायक क्षण का साक्षी बना खड़ा है, जहां इतिहास ने करवट ली और एक महान शासक का अध्याय समाप्त हो गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के आशियाना इलाके से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय अक्षत ने नीट की तैयारी को लेकर दबाव बनाए जाने से नाराज़ होकर अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश में आरी से शव के टुकड़े कर दिए। धड़ को एक नीले ड्रम में छिपा दिया गया, जबकि हाथ-पैर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए। इतना ही नहीं, उसने अपनी बहन को चार दिनों तक डरा-धमकाकर घर में ही कैद रखा ताकि राज़ बाहर न जाए।
पुलिस को शुरुआती जांच में तब शक हुआ जब आरोपी ने खुद पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदल रहे थे। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली। इसके बाद घर से शव के अवशेष बरामद किए गए। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुरी इंडस्ट्री की चर्चित सिंगर Nisha Upadhyay का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक लाइव शो के दौरान एंकर द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर वह नाराज़ होती नजर आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान एंकर ने उनसे कथित तौर पर “रेट क्या है?” जैसा सवाल पूछ लिया, जिसे लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इस टिप्पणी को सिंगर ने अपमानजनक बताते हुए मंच पर ही कड़ी आपत्ति जताई। वीडियो में देखा जा सकता है कि निशा उपाध्याय ने एंकर को फटकार लगाते हुए कलाकारों के सम्मान की बात कही।
घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने सिंगर के समर्थन में आवाज उठाई है और कार्यक्रम आयोजकों से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ लोग इस तरह के सवालों को मनोरंजन के नाम पर की जाने वाली बदसलूकी बता रहे हैं।
यह मामला एक बार फिर कलाकारों, खासकर महिला कलाकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल इस घटना पर आयोजकों या संबंधित एंकर की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
झारखंड की राजधानी रांची से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। Birsa Munda Airport से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कथीयातु जंगल में क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में पायलट और क्रू मेंबर समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान ने शाम करीब सात बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संपर्क टूट गया। बाद में मलबा जंगल क्षेत्र में मिला। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।
हादसे में जान गंवाने वालों में डॉ. विकास गुप्ता भी शामिल थे, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। वे रांची के कचहरी क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय शाखा में कार्यरत हैं। डॉ. गुप्ता क्रिटिकल केयर एनेस्थेसिया विशेषज्ञ थे और चिकित्सा क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी।
इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
रसोई में चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रखना अक्सर चुनौती बन जाता है। खासकर गर्मी और नमी के मौसम में चावल में कीड़े (वीविल्स) लगने की समस्या आम है। यदि चावल अधिक मात्रा में स्टोर किया गया हो तो यह परेशानी और बढ़ जाती है। लेकिन कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने चावल को महीनों तक ताज़ा और बग-फ्री रख सकते हैं।
सबसे आसान तरीका है चावल के डिब्बे में 4-5 तेजपत्ते डाल देना। तेजपत्ते की तेज सुगंध कीड़े दूर रखती है। इसके अलावा 8-10 साबुत लौंग या कुछ सूखी नीम की पत्तियां भी चावल में रखी जा सकती हैं। नीम प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और कीट-रोधी गुणों से भरपूर होती है।
एक और कारगर उपाय है सूखी लाल मिर्च को कपड़े में बांधकर चावल के कंटेनर में रखना। इसकी गंध भी कीड़ों को पनपने से रोकती है। ध्यान रखें कि चावल को हमेशा एयरटाइट कंटेनर में और सूखी जगह पर स्टोर करें। यदि संभव हो तो चावल को स्टोर करने से पहले 1-2 घंटे धूप में हल्का सुखा लें, इससे नमी खत्म हो जाती है।
इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप अपने चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और बार-बार खराब होने की चिंता से बच सकते हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा की सहयोगी पार्टी All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) ने तीसरे चरण की चुनावी घोषणाएं जारी करते हुए मतदाताओं को बड़ी राहत देने का वादा किया है।
पार्टी के महासचिव Edappadi K. Palaniswami ने घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य के हर परिवार को 10,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही थाई पोंगल पर्व पर पारंपरिक गिफ्ट हैम्पर के साथ हर परिवार को 1,000 रुपये अतिरिक्त नकद देने का भी वादा किया गया है।
AIADMK ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, रोजगार सहायता योजनाएं और अन्य सामाजिक कल्याण कार्यक्रम लागू करने की बात भी कही है। पलानीस्वामी ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, इसलिए उनकी पार्टी प्रत्यक्ष नकद सहायता के जरिए राहत पहुंचाना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घोषणाएं मतदाताओं को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। अब देखना होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा करती है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है।
कभी-कभी घर में सब कुछ सही होने के बावजूद मन भारी या बेचैन महसूस होता है। तनाव, छोटी-छोटी झुंझलाहट या काम में बाधा जैसी समस्याएं बिना किसी स्पष्ट कारण उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घर की व्यवस्था, जमा पुरानी चीजें और रोजमर्रा की आदतें मानसिक ऊर्जा पर गहरा असर डालती हैं। यही वजह है कि पारंपरिक फेंगशुई उपाय आज भी चर्चा में हैं।
भोपाल निवासी ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बताते हैं कि घर में अव्यवस्था, टूटे सामान या पुराने सामान के जमा होने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होता, बल्कि रहने वालों की दिनचर्या, भावनाओं और आदतों से जुड़ा होता है।
घर का माहौल सकारात्मक बनाने के लिए ये 5 फेंगशुई टिप्स अपनाए जा सकते हैं:
– अलमारियों और स्टोर रूम में वर्षों से पड़े टूटे या बेकार सामान को नियमित साफ करें।
– साफ-सफाई, वेंटिलेशन और समय-समय पर नमक रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
टूटा शीशा मानसिक असहजता बढ़ाता है; साफ और सही प्रतिबिंब सकारात्मक ऊर्जा देता है।
तकिए या बिस्तर के नीचे सामान न रखें, ताकि नींद और मानसिक शांति बनी रहे।
– लगातार टपकता पानी मानसिक बेचैनी और संसाधनों की बर्बादी का संकेत है।
फेंगशुई के ये उपाय असल में जीवनशैली से जुड़े हैं। साफ-सुथरा, व्यवस्थित और संतुलित घर रहने वालों के मन को हल्का और सकारात्मक बनाता है।
गोरखपुर के नौका विहार इलाके में इन दिनों साउथ इंडियन स्वाद का जादू देखने को मिल रहा है। सूर्य दिनेश रेड्डी, जो मूल रूप से साउथ इंडिया से हैं, अपने परिवार की पारंपरिक रेसिपी से बनाए गए डोसा, इडली और चटनी से स्थानीय लोगों का दिल जीत रहे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ डोसा बेचना नहीं, बल्कि गोरखपुरवासियों को असली और ऑथेंटिक साउथ इंडियन टेस्ट का अनुभव कराना है।
सूर्य के स्टॉल पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। उनका कहना है कि उनकी रेसिपी किसी होटल या यूट्यूब से कॉपी नहीं की गई, बल्कि यह पीढ़ियों से परिवार में चल रही पारंपरिक रसोई की विधि है। खास बात यह है कि उनके डोसे का स्वाद मसालों के सही मिश्रण और प्याज के पेस्ट के सीक्रेट टच से और भी अद्वितीय बन जाता है।
सूर्य की बनाई चटनी भी ग्राहकों में बहुत लोकप्रिय है। इसे एक बार चखने के बाद ही लोग इसका ऑथेंटिक स्वाद पहचान लेते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि नौका विहार में अब उनका स्टॉल साउथ इंडियन व्यंजन का नया केंद्र बन गया है, जहां हर कोई सुबह-सुबह पहुंचकर डोसा और चटनी का आनंद लेता है।
सूर्य दिनेश रेड्डी का यह प्रयास सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साउथ इंडिया की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक खाने की कला को उत्तर भारत में ले जाने का भी प्रयास है।
Pakistan और Afghanistan के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अफगान सीमा के भीतर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में कथित पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद काबुल ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमलों में कई आम नागरिकों की मौत हुई, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।
अफगान विदेश मंत्रालय ने काबुल में तैनात पाकिस्तानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। एक सख्त ‘प्रोटेस्ट लेटर’ सौंपते हुए हमलों पर तत्काल स्पष्टीकरण और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न दोहराने की चेतावनी दी गई। अफगान पक्ष ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
सीमा पार आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही अविश्वास का माहौल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम ने संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से आधिकारिक सैन्य टकराव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर बयानबाजी तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी तरह की चूक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संयम बरतने की अपील कर रहा है।
चीन ने अपनी नई परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी Type 095 submarine को लॉन्च कर रक्षा जगत में हलचल पैदा कर दी है। यह तीसरी पीढ़ी की न्यूक्लियर अटैक सबमरीन मानी जा रही है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे हूलूदाओ स्थित बोहाई शिपयार्ड में तैयार किया गया है।
इस पनडुब्बी की सबसे बड़ी खासियत इसकी परमाणु ऊर्जा क्षमता है। दावा किया जा रहा है कि एक बार ईंधन भरने पर यह लंबी अवधि तक समुद्र में रह सकती है और सैद्धांतिक रूप से पृथ्वी के कई चक्कर लगाने जितनी दूरी तय करने में सक्षम है। इसमें पंप-जेट प्रोपल्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी आवाज बेहद कम रहती है और दुश्मन के लिए इसका पता लगाना कठिन हो जाता है।
सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, टाइप 095 को उन्नत मिसाइल सिस्टम और आधुनिक सोनार तकनीक से लैस किया गया है। इससे चीन की समुद्री मारक क्षमता और रणनीतिक पहुंच में इजाफा हो सकता है।
हालांकि, आधिकारिक तकनीकी विवरण सीमित हैं और कई दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि नई पनडुब्बी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन पर प्रभाव डाल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी क्षमताएं वैश्विक समुद्री प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती हैं, जहां पहले से ही अमेरिका और रूस जैसी बड़ी ताकतें सक्रिय हैं।
मैक्सिको में अक्सर बड़े ड्रग सरगनाओं के मारे जाने या गिरफ्तार होने की खबरें आती हैं, लेकिन इसके बावजूद ड्रग कार्टेल कमजोर नहीं पड़ते। हाल ही में कुख्यात सरगना Nemesio Oseguera Cervantes उर्फ “एल मेनचो” की मौत के बाद भी हालात यही संकेत देते हैं। वह Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था, जिसे देश के सबसे शक्तिशाली और हिंसक कार्टेल में गिना जाता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मैक्सिको में कार्टेल के फलने-फूलने के पीछे कई गहरे कारण हैं। पहला, अमेरिका में ड्रग्स की भारी मांग। जब तक मांग बनी रहती है, तस्करी का नेटवर्क भी जिंदा रहता है। दूसरा, मैक्सिको की भौगोलिक स्थिति—यह दक्षिण अमेरिका के ड्रग उत्पादन केंद्रों और अमेरिका के बड़े बाजार के बीच अहम ट्रांजिट रूट है।
तीसरा बड़ा कारण है गरीबी और बेरोजगारी। कई इलाकों में कार्टेल स्थानीय लोगों को रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक मदद देते हैं, जिससे उन्हें गरीब तबके की सहानुभूति मिलती है। कुछ जगहों पर वे सड़कें बनवाने या जरूरतमंदों की मदद जैसे काम कर “रॉबिनहुड” छवि भी गढ़ लेते हैं।
चौथा, राजनीतिक भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था। जब एक डॉन मारा जाता है, तो संगठन का ढांचा पूरी तरह खत्म नहीं होता। उसकी जगह तुरंत नए गुट और नेता उभर आते हैं, जो सत्ता और इलाके के लिए संघर्ष शुरू कर देते हैं।
यही वजह है कि मैक्सिको में ड्रग कार्टेल की समस्या दशकों से बनी हुई है और हर कार्रवाई के बाद नए चेहरे सामने आ जाते हैं।
ब्रिटेन में भारतीय मूल की 56 वर्षीय मंजीत संघा की कहानी चेतावनी देती है कि छोटी लापरवाही भी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। एक मामूली खरोंच पर उनके पालतू कुत्ते के चाटने से शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया और उन्हें सेप्सिस हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े।
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह एक साधारण खरोंच थी। लेकिन कुछ ही घंटों में मंजीत को तेज ठंड लगना, होंठ नीले पड़ना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस होने लगे। अस्पताल पहुंचने तक संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान उनका दिल छह बार धड़कना बंद हुआ, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने उन्हें हर बार वापस जीवन दिया।
सेप्सिस एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो संक्रमण के शरीर में तेजी से फैलने पर होती है। समय पर पहचान और इलाज न मिले तो यह अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले घावों को साफ रखना, संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
मंजीत अब लोगों को जागरूक कर रही हैं कि पालतू जानवरों के संपर्क के बाद घावों की अनदेखी न करें। उनकी कहानी इस अदृश्य लेकिन खतरनाक खतरे के प्रति सतर्क रहने का संदेश देती है।
वाराणसी में जारी विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी गिरफ्तारी भी होती है तो वे किसी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और असत्य बताया।
स्वामी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि संबंधित स्थल के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उनका कहना है कि सच्चाई से उन्हें डर नहीं है और जांच से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कथित छात्रों का नाम इस प्रकरण में लिया जा रहा है, उनका उनके गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर भ्रम और गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सत्य सामने आएगा और सभी आरोप निराधार साबित होंगे।
ग्रीन टेक्नोलॉजी की दौड़ में चीन ने बड़ा दावा किया है। चीनी वैज्ञानिकों ने ऐसी पानी-आधारित बैटरी विकसित करने की बात कही है, जो नमकीन घोल पर काम करती है और करीब 1.2 लाख बार चार्ज की जा सकती है। इस बैटरी में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रोलाइट टोफू बनाने में उपयोग होने वाले नमकीन ब्राइन जैसा सुरक्षित बताया जा रहा है।
पारंपरिक Lithium-ion battery के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है, क्योंकि इसमें आग लगने या विस्फोट का खतरा बेहद कम है। साथ ही, इसे निपटाना भी आसान होगा, जिससे पर्यावरण पर कम असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बैटरी बड़े पैमाने पर उत्पादन में सफल होती है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और पावर ग्रिड स्टोरेज सिस्टम के लिए किफायती और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। लंबी चार्ज-साइकिल के कारण बैटरी बदलने की जरूरत कम होगी, जिससे लागत घटेगी।
हालांकि, ऊर्जा घनत्व, व्यावसायिक उत्पादन और वास्तविक प्रदर्शन जैसे पहलुओं पर अभी और परीक्षण जरूरी हैं। अगर सभी दावे सही साबित होते हैं, तो यह आविष्कार स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
हिमालय की गोद में बसा देवभूमि हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिला अपने रहस्यमयी और आस्था से भरे स्थलों के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक है युल्ला कांडा श्रीकृष्ण मंदिर, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 12,000 से 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर एक पवित्र झील के बीचों-बीच बना है, जो इसे और भी अद्भुत बनाता है।
यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, हरे-भरे घास के मैदान और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराते हैं। झील के बीच स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 12 किलोमीटर लंबा ट्रैक करना पड़ता है, जो रोमांच और भक्ति का अनूठा संगम है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण किया था। कहा जाता है कि पांडवों ने यहां भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की थी। यही वजह है कि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पौराणिक महत्व भी रखता है।
इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा है “किन्नौरी टोपी” से भविष्य जानने की मान्यता। श्रद्धालु मंदिर परिसर में विशेष विधि से किन्नौरी टोपी पहनकर या अर्पित कर अपनी किस्मत का संकेत प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि टोपी सिर पर स्थिर रहती है तो यह शुभ संकेत होता है।
देशभर में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आज प्रमुख शहरों में चांदी के दाम अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए हैं।
आर्थिक राजधानी Mumbai में आज चांदी का भाव 2,66,710 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं दक्षिण भारत के बड़े बाजार Chennai में चांदी की कीमत 2,67,620 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है।
Patna में आज 1 किलो चांदी का भाव 2,66,700 रुपये है। वहीं Jaipur में चांदी 2,66,810 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के आधार पर चांदी के दाम तय होते हैं। शादी-ब्याह के सीजन और औद्योगिक मांग के चलते भी कीमतों में हलचल देखने को मिलती है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर्स या अधिकृत डीलरों से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।
साउथ सिनेमा के चर्चित कपल Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda अपनी रॉयल वेडिंग के लिए Udaipur पहुंच चुके हैं। बीते दिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शादी की आधिकारिक घोषणा करने के बाद आज दोनों को उदयपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया।
एयरपोर्ट से सामने आई पहली तस्वीरों में रश्मिका पैंट-सूट में बेहद स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट नजर आईं। मिनिमल मेकअप और सॉफ्ट हेयरस्टाइल के साथ उनका लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है। वहीं विजय भी कैजुअल लेकिन क्लासी अंदाज में दिखाई दिए। दोनों ने मीडिया की मौजूदगी में मुस्कुराते हुए अभिवादन किया।
सूत्रों के मुताबिक, यह शादी उदयपुर के एक भव्य हेरिटेज पैलेस में होने जा रही है, जहां करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य शामिल होंगे। हालांकि समारोह को निजी रखा गया है, लेकिन फैंस के लिए कुछ खास झलकियां साझा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर #RashmikaVijayWedding और #ViroshWedding ट्रेंड करने लगा है। फैंस कपल की रॉयल वेडिंग की तस्वीरों और डिटेल्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रश्मिका और विजय की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पहले ही दर्शकों का दिल जीत चुकी है, और अब रियल लाइफ में उनका यह नया सफर फैंस के लिए किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं है।
20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में दो बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज हुईं – अस्सी और दो दीवाने सहर में। दोनों फिल्में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन तीसरे दिन का कलेक्शन रिपोर्ट दर्शाता है कि 'दो दीवाने सहर में' फिलहाल पीछे है।
अनुभव सिन्हा निर्देशित ‘अस्सी’ में तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं। यह कोर्टरूम ड्रामा फिल्म दर्शकों को कानूनी लड़ाई और इंसाफ की कहानी के साथ बांधती है। फिल्म के कास्ट में मोहम्मद जीशान अय्यूब, कुमुद मिश्रा, सुप्रिया पाठक और मनोज पाहवा भी शामिल हैं। ओपनिंग डे पर फिल्म ने 1 करोड़ रुपये कमाए, दूसरे दिन 1.6 करोड़, और तीसरे दिन 1.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।
वहीं, मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर 'दो दीवाने सहर में' रोमांटिक जॉनर की फिल्म है। इसकी तीसरे दिन की कमाई 1.31 करोड़ रुपये रही। दोनों फिल्मों की धीमी रफ्तार के कारण बॉक्स ऑफिस पर फिलहाल कोई बड़ी धमाकेदार स्थिति नहीं बनी है।
विश्लेषक मानते हैं कि ‘अस्सी’ कोर्टरूम ड्रामा होने के कारण दर्शकों के बीच थोड़ी बेहतर पकड़ बना रही है, जबकि ‘दो दीवाने सहर में’ को रोमांटिक दर्शकों तक पहुंचने में समय लग रहा है।
Patna में चल रही बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान इस बार बहस का विषय राजनीति से आगे बढ़कर राज्य के पारंपरिक व्यंजन बन गए। सदन में बाढ़ की मशहूर लाई, मनेर के लड्डू, गया के तिलकुट और बड़हिया के रसगुल्ले को लेकर दिलचस्प चर्चा हुई।
उद्योग मंत्री Dilip Jaiswal ने जानकारी दी कि बाढ़ की प्रसिद्ध ‘खूबी की लाई’ को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पहले भी कई उत्पादों को GI टैग दिला चुकी है और अन्य पारंपरिक उत्पादों के लिए भी प्रयास जारी हैं।
विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने बताया कि Gaya के प्रसिद्ध तिलकुट के लिए भी GI टैग का आवेदन किया गया है। इस बीच उपमुख्यमंत्री Vijay Sinha ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि “मंत्री जी बड़हिया का रसगुल्ला और बाढ़ की लाई तो खाते हैं, लेकिन GI टैग के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करते।” इस पर सदन में ठहाके भी लगे।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने Maner के मशहूर लड्डू का मुद्दा उठाया और उसे भी GI टैग दिलाने की मांग की। वहीं Muzaffarpur में मक्का आधारित उद्योग और एथेनॉल प्लांट को लेकर सरकार ने औद्योगिक विकास की योजनाओं पर भी बयान दिया।
इस ‘मिठास भरी’ बहस ने सदन का माहौल हल्का कर दिया, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया कि बिहार के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार गंभीर है।
Nepal में सोमवार तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। Pokhara से Kathmandu जा रही एक यात्री बस धादिंग जिले में Trishuli River में गिर गई। हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
यह दुर्घटना बेनिघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-3 के चिनाधारा, चरौंडी इलाके में पृथ्वी हाईवे पर हुई। पुलिस के अनुसार, बस रात करीब 1:15 बजे अचानक सड़क से फिसलकर लगभग 300 मीटर गहरी ढलान से नीचे नदी किनारे जा गिरी। हादसे के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली।
जिला ट्रैफिक पुलिस प्रमुख शिशिर थापा के मुताबिक मृतकों में छह महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। घायलों में आठ महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की भी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स, नेपाल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान चलाया। पहाड़ी इलाका और रात का अंधेरा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बना रहा।
प्रशासन ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका तेज रफ्तार या सड़क की खराब स्थिति को लेकर जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
Dhaka में नई सरकार बनते ही सत्ता और सेना के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने पद संभालते ही बांग्लादेश सेना में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल कर दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम संभावित तख्तापलट के खतरे को कम करने और सरकार पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।
सूत्रों के मुताबिक, सेना प्रमुख Waker-Uz-Zaman से कई अहम मामलों में मिला ‘फ्री हैंड’ वापस ले लिया गया है। अब महत्वपूर्ण नियुक्तियों और रणनीतिक फैसलों पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस मेगा ऑपरेशन के तहत कई वरिष्ठ और प्रभावशाली जनरलों को उनके पदों से हटाकर विदेशों में राजदूत के रूप में भेजा गया है। उनकी जगह खलीलुर रहमान और मैनूर रहमान जैसे अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री का करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश में सेना लंबे समय से सत्ता समीकरणों में अहम भूमिका निभाती रही है। ऐसे में यह फेरबदल केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन को फिर से परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल देश की राजनीति में हलचल तेज है और विपक्ष इस कदम को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की रणनीति बता रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह बदलाव सरकार को स्थिरता देता है या नई चुनौतियों को जन्म देता है।
मुगल काल में सत्ता की मजबूती के लिए तलवार के साथ-साथ वैवाहिक रिश्ते भी अहम रणनीति माने जाते थे। इसी कड़ी में अक्सर यह सवाल उठता है कि मुगल बादशाह Akbar का हिंदू दामाद कौन था और किन परिस्थितियों में यह संबंध स्थापित हुआ।
इतिहासकारों के अनुसार, अकबर की बेटियों में से एक शहजादी शकरुन्निसा बेगम का विवाह राजपूत शासक Raja Amar Singh I से हुआ था। अमर सिंह प्रथम, मेवाड़ के महान योद्धा Maharana Pratap के पुत्र थे।
यह विवाह केवल पारिवारिक संबंध नहीं था, बल्कि मुगल-राजपूत संबंधों को संतुलित करने की राजनीतिक पहल का हिस्सा माना जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध और लंबे संघर्षों के बाद मेवाड़ और मुगलों के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ था। ऐसे में वैवाहिक गठबंधन को शांति और स्थिरता की दिशा में एक कदम माना गया।
कहा जाता है कि अकबर राजपूतों की वीरता और उनके प्रभाव से भली-भांति परिचित थे। साम्राज्य के विस्तार और सीमाओं की सुरक्षा के लिए राजपूतों के साथ बेहतर संबंध बनाना जरूरी था। इसी रणनीति के तहत कई शादियां और संधियां की गईं।
हालांकि, इतिहास के कुछ विवरणों में इस विवाह को लेकर मतभेद भी मिलते हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि मुगल काल में वैवाहिक रिश्ते राजनीतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।
साउथ सिनेमा के चर्चित सितारे Vijay Deverakonda और Rashmika Mandanna ने आखिरकार अपनी शादी की खबरों पर मुहर लगा दी है। लंबे समय से रिश्ते को लेकर चल रही अटकलों के बीच कपल ने आधिकारिक तौर पर घोषणा करते हुए अपनी शादी को खास नाम दिया है— ‘The Wedding of VIROSH’।
‘VIROSH’ नाम उनके फैंस ने वर्षों पहले सोशल मीडिया पर विजय और रश्मिका के नाम को जोड़कर दिया था। अब इसी नाम को अपनी शादी की पहचान बनाकर दोनों सितारों ने अपने चाहने वालों के प्रति खास आभार जताया है। इस भावुक फैसले ने फैंस का दिल जीत लिया है और सोशल मीडिया पर #ViroshWedding ट्रेंड करने लगा है।
कपल ने साझा बयान में कहा कि फैंस का प्यार और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने बताया कि शादी समारोह को निजी रखा जाएगा, लेकिन फैंस के लिए कुछ खास सरप्राइज भी प्लान किए गए हैं।
गौरतलब है कि विजय और रश्मिका ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब रील से रियल लाइफ तक उनका साथ फैंस के लिए किसी सपने से कम नहीं है।
शादी की तारीख और स्थान को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन ‘VIROSH’ की इस आधिकारिक घोषणा ने एंटरटेनमेंट जगत में उत्साह बढ़ा दिया है।
Kanpur के कल्याणपुर इलाके में एक डेंटल टेक्नीशियन की आत्महत्या से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मधुकर रंजन के रूप में हुई है, जिन्होंने कथित तौर पर घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना उस समय सामने आई जब उनकी पत्नी शादी समारोह से वापस लौटीं।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय घर में मधुकर अकेले थे। पत्नी के लौटने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो संदेह हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो मधुकर का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हैरानी की बात यह है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों का कहना है कि मधुकर सामान्य व्यवहार कर रहे थे और किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल इस घटना ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और परिजन सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के एक कथित ‘नंगे’ बयान को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, ‘इंडिया AI इंपैक्ट समिट’ के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर प्रदर्शन किया था। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेताओं और समर्थकों ने कड़ी आलोचना की और इसे राजनीतिक गरिमा के खिलाफ बताया।
आलोचनाओं के जवाब में कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भाजपा के एक पुराने प्रदर्शन की तस्वीर साझा की, जिसमें कुछ भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी टॉपलेस नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब भाजपा के लोग इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो उसे आंदोलन की रणनीति कहा जाता है, लेकिन विपक्ष ऐसा करे तो उसे असभ्य करार दिया जाता है।
भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर प्रधानमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। पार्टी के मुताबिक, यह विवाद राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के बयान और तस्वीरें सियासी तापमान और बढ़ा सकती हैं।
अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 11 साल के एक लड़के पर अपने दत्तक पिता की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर विवाद उस समय शुरू हुआ जब पिता ने बच्चे से उसका गेमिंग कंसोल छीन लिया। आरोप है कि गुस्से में आकर बच्चे ने घर में मौजूद पिता की ही बंदूक उठाई और गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि आरोपी की उम्र कम है, इसलिए मामले की सुनवाई किशोर न्याय प्रणाली के तहत की जा सकती है। अधिकारियों ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की बात कही है, जिसमें यह भी शामिल है कि हथियार बच्चे की पहुंच में कैसे आया।
यह घटना एक बार फिर अमेरिका में घरों में रखे हथियारों की सुरक्षा और बच्चों की पहुंच पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आग्नेयास्त्रों को सुरक्षित तरीके से लॉक करके रखना और बच्चों से दूर रखना बेहद जरूरी है।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।









































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