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 बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नए मेयर को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। देश के सबसे धनी नगर निगम पर हर राजनीतिक दल का कब्ज़ा होना चाहना आम बात है, और इस बार शिवसेना (उद्धव गुट) के हाथ से मुंबई की सत्ता फिसलती दिख रही है। बीएमसी में अब भाजपा और शिंदे शिवसेना की टीम ड्राइविंग सीट पर हैं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने नगर निकाय चुनावों में जीत के बाद पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात कर स्वच्छता, जल संकट और विकास को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। शिंदे ने दावा किया कि महाराष्ट्र में भाजपा नंबर एक पार्टी बनकर उभरी है, और शिवसेना थोड़े समय में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि बीएमसी का अगला मेयर महायुति (भाजपा) से ही होगा।

इस बीच, उद्धव ठाकरे ने राजनीतिक खेल चलते हुए शिंदे के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। उद्धव गुट ने फैसला किया है कि यदि बीजेपी का मेयर बनता है, तो उनके जुड़े हुए पार्षद वोटिंग से दूर रहेंगे। बीएमसी में शिवसेना-यूबीटी के 65 पार्षद हैं। यदि ये पार्षद वोटिंग में शामिल नहीं होते हैं, तो भाजपा को किसी सहयोगी के सपोर्ट की जरूरत नहीं होगी और वह अकेले ही बहुमत तक पहुँच जाएगी।

उद्धव गुट की इस रणनीति से एकनाथ शिंदे के माथे पर शिकन बढ़ सकती है और बीएमसी का मेयर चुनाव राजनीतिक मोड़ लेने वाला है।


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  बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक हैं। फोर्ब्स इंडिया और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी नेट वर्थ करीब ₹2900 करोड़ (लगभग $360 मिलियन) आंकी जाती है, जो उन्हें न सिर्फ एक सफल अभिनेता बल्कि एक मजबूत ब्रांड और व्यवसायी भी बनाती है।

  • सलमान फिल्मों के लिए अनुमानतः ₹100–150 करोड़ से भी अधिक फीस चार्ज करते हैं।

  • वे केवल फीस पर ही नहीं, बल्कि कई फिल्मों में प्रॉफिट शेयरिंग भी लेते हैं, जिससे उनकी कमाई और बढ़ जाती है।

  • सुपरहिट फिल्मों जैसे बजरंगी भाईजानदबंगटाइगर सीरीज और सुलतान ने उनके करियर को और ऊँचा उठाया और बॉक्स ऑफिस पर भारी कमाई दिलाई। 


 (उत्तर प्रदेश) — अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उस समय राष्ट्रीय चर्चा का रूप ले लिया, जब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अपने संबोधन में राजभर ने युवाओं से कथित तौर पर “बिना लाइसेंस वाले हथियार” रखने की बात कही, जिसने राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संगठनात्मक प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता देना बताया गया था। हालांकि, सभा को संबोधित करते हुए राजभर ने जिस अंदाज़ में आत्मरक्षा और ‘हथियार’ का ज़िक्र किया, वह विवाद का केंद्र बन गया। वीडियो क्लिप सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया, जबकि कुछ समर्थकों का दावा है कि मंत्री की बात को “तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।”


  प्रयागराज। माघ मेला 2026 के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब प्रशासन ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का रथ रोक दिया और उन्हें भीड़ को देखते हुए पैदल जाने के लिए कहा। इस घटना के बाद संत समाज और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।

जानकारी के मुताबिक, शंकराचार्य अपने रथ के साथ मेला क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे, तभी भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने रथ को आगे बढ़ने से रोक दिया। अधिकारियों ने उनसे अनुरोध किया कि वे पैदल यात्रा करें ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नाराजगी जताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “बड़े-बड़े अधिकारी संत को मार रहे हैं, पुलिस वाले संत को मार रहे हैं, संत को मारा जा रहा है।” उनके इस बयान से मामला और गरमा गया है। संत समाज ने इसे धार्मिक भावनाओं और साधु-संतों के सम्मान के खिलाफ बताया है।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि निर्णय केवल भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि माघ मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में किसी भी बड़े वाहन या रथ से भगदड़ का खतरा बन सकता है।

फिलहाल इस मुद्दे पर संत समाज और प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। घटना ने माघ मेले की व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


 लखनऊ। शनिवार (18 जनवरी 2026) को दिल्ली से बागडोगरा जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट में बम होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही फ्लाइट में संदिग्ध बम की जानकारी मिली, जिसके बाद पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को निकटतम एयरपोर्ट लखनऊ की ओर मोड़ दिया गया। विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया और एयरपोर्ट के सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया।

इसके बाद बम निरोधक दस्ते (BDDS), सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस ने विमान की गहन तलाशी ली। यात्रियों के सामान की भी जांच की गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया, जिससे कुछ अन्य उड़ानों के संचालन पर भी अस्थायी असर पड़ा।

इंडिगो एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बम की सूचना असली थी या अफवाह।

सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी किसने और किस माध्यम से दी। मामले में जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


 नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हालिया मुकाबले में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हाथापाई में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे की गिरेबान पकड़े नजर आ रहे हैं।

वीडियो में साफ दिखता है कि एक ओवर के दौरान गेंदबाज और बल्लेबाज के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते-ही-देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे को धकेलते हुए दिखाई दिए। स्थिति बिगड़ती देख मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ी और अंपायर तुरंत बीच-बचाव के लिए दौड़े और मामले को शांत कराया।

मैच के अधिकारियों ने बाद में कहा कि इस तरह की घटनाएं खेल भावना के खिलाफ हैं और घटना की समीक्षा की जाएगी। हालांकि, विवाद के बावजूद खेल कुछ देर बाद फिर से शुरू कर दिया गया।

क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इस घटना पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोग इसे खेल के दबाव का नतीजा बता रहे हैं, वहीं कई फैंस खिलाड़ियों के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर “स्पिरिट ऑफ क्रिकेट” को लेकर बहस छिड़ गई है।

फिलहाल दोनों बोर्डों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि दोषी खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।


 मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धरती सदियों से आस्था, परंपरा और चमत्कारों के लिए जानी जाती रही है। जिले के छैगांवदेवी गांव में स्थित प्राचीन माता का मंदिर इन मान्यताओं का जीवंत प्रमाण माना जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मंदिर करीब 700 साल पुराना है और यहां मां रेणुका सहित पांच देवियों का वास है।

गांववासियों के अनुसार, रेणुका चौदस के पावन अवसर पर माता स्वयं प्रकट होती हैं। इस दिन मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमाएं रहस्यमय तरीके से लगभग एक फीट तक ऊंची हो जाती हैं। यह घटना हर साल श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित करती है और हजारों भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर में मां रेणुका के साथ मां बिजासनी, मां हिंगलाज, मां शीतला और खोखली मां की प्रतिमाएं विराजमान हैं। स्थानीय मान्यता है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं।

इतिहासकारों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है, जबकि भक्त इसे देवी शक्ति का प्रत्यक्ष स्थल मानते हैं। रेणुका चौदस के दिन यहां विशाल मेला लगता है, भजन-कीर्तन होते हैं और पूरा गांव श्रद्धा के रंग में रंग जाता है।

छैगांवदेवी मंदिर आज भी खंडवा जिले की पहचान बना हुआ है, जहां आस्था और चमत्कार पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित हैं।


 नई दिल्ली |

भारतीय घरों में लंबे समय तक मोटापा ही स्वास्थ्य की सबसे बड़ी चिंता माना जाता रहा है, लेकिन पिछले एक दशक में तस्वीर तेजी से बदली है। शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक बड़ी संख्या में युवा अब दुबलेपन, कमजोर शरीर और कम मसल्स मास की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम की बढ़ती संस्कृति, सोशल मीडिया पर फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स का प्रभाव और बदलती लाइफस्टाइल ने ‘मसल्स गेन’ को नई पीढ़ी की प्राथमिकता बना दिया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, समस्या सिर्फ “पतला होना” नहीं है, बल्कि लो मसल मास, कमजोर हड्डियां, कम स्टैमिना और खराब पोषण है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

राष्ट्रीय पोषण सर्वे (NNMB) और विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों के अनुसार, भारत में 18–30 आयु वर्ग के करीब 28–32% युवा अंडरवेट या कम मसल मास की श्रेणी में आते हैं। इनमें से कई लोग बाहर से पतले दिखते हैं, लेकिन अंदर से कमजोर होते हैं—जिसे चिकित्सकीय भाषा में स्किनी फैट कहा जाता है।



 एक दावे को लेकर प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने बड़ा खुलासा किया है। पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि इस दावे में किया गया दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है।

वायरल पोस्ट में यह कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार ने कोई बड़ा फैसला या घोषणा की है, जिसे लेकर लोग भ्रमित हो रहे थे। लेकिन पीआईबी ने जांच के बाद साफ कर दिया कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने इस गलत जानकारी को उजागर करते हुए अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट साझा की और नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पीआईबी ने यह भी कहा कि ऐसी फर्जी खबरें समाज में भ्रम फैलाने का काम करती हैं और इन्हें साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करना जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में गलत सूचनाओं का प्रसार तेजी से होता है, इसलिए फैक्ट चेक संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। पीआईबी लगातार ऐसे भ्रामक दावों की पड़ताल कर जनता को सही जानकारी देने का काम कर रहा है।



 हुगली नदी के तट पर स्थित शांतिपुर सदियों से भक्ति आंदोलन और चैतन्य महाप्रभु की परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। यह क्षेत्र अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है और यहां की कीर्तन और भजन परंपरा हमेशा से लोगों के मन और आत्मा को भावविभोर करती रही है।

अब इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर एक नया कदम उठाया जा रहा है। ‘बंगाली राम मंदिर’ के निर्माण की योजना इस क्षेत्र को नई धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

मंदिर में पारंपरिक बंगाली स्थापत्य कला और आधुनिक सुविधाओं का संयोजन होगा। साथ ही, यहां कीर्तन, भजन और भक्ति संगीत की गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। स्थानीय लोगों और धार्मिक विद्वानों का मानना है कि यह परियोजना शांतिपुर की भक्ति संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचित कराएगी।

इसके अलावा, मंदिर के आसपास धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को भक्ति और संस्कृति के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस तरह, हुगली का शांतिपुर क्षेत्र एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध और जीवंत बन सकता है।

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नई दिल्ली: आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर की नई स्पाई-कॉमेडी ‘Happy Patel: खतरनाक जासूस’ का समीकृति आने लगी है। फिल्म में वीर दास मुख्य भूमिका में नजर आए हैं और कॉमिक अंदाज़ में उनका प्रदर्शन समीक्षकों ने खास तौर पर सराहा है।फिल्म की कहानी पारंपरिक जासूस थ्रिलर से हटकर ह्यूमर और विचित्रता पर आधारित है। हैप्पी नाम का किरदार, जो एक एनआरआई द्वारा गोआ में मिशन पर भेजा जाता है, अपनी पहचान और मिशन के बीच उलझनें पैदा करता है। यह कहानी बहुत स्ट्रॉन्ग नहीं है लेकिन कई हँसी के पल देती है।


फिल्म को 3.5/5 की रेटिंग दी जा रही है। यह एक फनी और हल्की-फुल्की स्पाई कॉमेडी है, जिसका ह्यूमर हर किसी को हिट नहीं कर सकता लेकिन कुछ मजेदार मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को हंसाते हैं। कहानी इतनी गहरा असर नहीं छोड़ती, लेकिन मनोरंजन के लिहाज़ से यह देखी जा सकती है।

एंटरटेनमेंट एक्सपर्ट मानते हैं कि यह फिल्म उन दर्शकों के लिए काम करेगी जो हल्की-फुल्की, अजीबो-गरीब कॉमेडी पसंद करते हैं, लेकिन पारंपरिक थ्रिलर और मजबूत कहानी की तलाश में रहने वालों को यह उतनी पसंद नहीं आएगी।

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 नई दिल्ली: आगामी ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बीच विवाद तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे पर ICC का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अगले 2-3 दिनों में बांग्लादेश का दौरा करेगा। इस दौरान ICC अधिकारी BCB के वरिष्ठ पदाधिकारियों से वन-ऑन-वन मीटिंग करेंगे और टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की भागीदारी पर अंतिम निर्णय लेने की कोशिश करेंगे।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में मैच खेलने से इनकार किया हुआ है। उनके अनुसार, सुरक्षा संबंधित चिंताओं के चलते वे भारत में अपने टी20 वर्ल्ड कप के मैच नहीं खेलना चाहते और चाहते हैं कि उनके मैच श्रीलंका जैसे अन्य स्थानों पर किए जाएं। ICC ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट का कार्यक्रम पहले ही घोषित किया जा चुका है और संयोजन में बदलाव करना आसान नहीं है। दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।

हालाँकि BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने कहा है कि इस विवाद के संबंध में वह फिलहाल किसी भी आधिकारिक संवाद का हिस्सा नहीं है, क्योंकि यह बातचीत सीधे ICC और BCB के बीच हो रही है। BCB का कहना है कि सुरक्षा और खिलाड़ियों की भलाई उनके लिए सर्वोपरि है।

अब फोकस इस बातचीत पर है कि क्या बांग्लादेश पूरी टीम के साथ भारत में खेलने आएगा या नहीं? और इसी के आधार पर T20 वर्ल्ड कप 2026 में उनकी उपस्थिति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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  उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब बाबा महाकाल त्रिपुंड और वैष्णव तिलक से सुसज्जित स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने पहुंचे। तड़के भस्म आरती के दौरान गर्भगृह का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया, जहां हजारों श्रद्धालु महादेव के दिव्य स्वरूप के साक्षी बने।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, विशेष श्रृंगार के तहत बाबा महाकाल को त्रिपुंड और वैष्णव तिलक धारण कराया गया, जो शिव और विष्णु की एकता का प्रतीक माना जाता है। भस्म आरती के समय नगाड़ों, शंख और मंत्रोच्चार के बीच बाबा का दिव्य रूप प्रकट हुआ, जिससे भक्त भाव-विभोर हो गए।

भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने इसे दुर्लभ और अलौकिक अनुभव बताया। कई भक्तों ने कहा कि इस स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति प्रदान करते हैं।

मंदिर समिति ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे, ताकि सभी भक्त सुगमता से दर्शन कर सकें।

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