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 महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए थाम दिया। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली पिंकी माली की भी मौत हो गई। पिंकी इस विमान में क्रू मेंबर के तौर पर तैनात थीं। जैसे ही उनकी मौत की खबर जौनपुर के केराकत तहसील स्थित भैंसा गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया।

पिंकी माली, भैंसा गांव निवासी शिवकुमार माली की बेटी थीं। परिवार करीब 20 साल पहले रोजगार की तलाश में मुंबई चला गया था, तभी से पिंकी भी वहीं रहकर अपने सपनों को आकार दे रही थीं। रिश्तेदारों के मुताबिक, पिंकी हाल के दिनों में बार-बार गांव आने की बात कर रही थीं और परिवार से मिलने की इच्छा जता रही थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

परिजनों ने बताया कि पिंकी का स्वभाव बेहद सरल, मेहनती और मिलनसार था। उन्होंने कुछ महीनों पहले ही शादी की थी और नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर खुश थीं। गांव के लोगों का कहना है कि पिंकी हमेशा सबकी मदद को तैयार रहती थीं, इसलिए उनका यूं अचानक चला जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।

हादसे की खबर के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। गांव के हर घर में शोक है और हर आंख नम। पिंकी की कहानी उस दर्द की याद दिलाती है, जो एक पल में कई सपनों को राख में बदल देता है।

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  एचएएल ने सुपरजेट-100 बनाने के ल‍िए रूस की कंपनी के साथ बड़ी डील की है.

भारत में जल्द ही यात्रियों को मेक इन इंडिया पैसेंजर विमान में सफर करने का मौका मिल सकता है। लड़ाकू विमानों के निर्माण में अपनी ताकत साबित कर चुकी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अब कमर्शियल एविएशन सेक्टर में भी बड़ा कदम रखने जा रही है। इसके लिए HAL और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) के बीच एक अहम समझौता हुआ है।

इस डील के तहत भारत में रूसी डिजाइन वाला सुखोई सुपरजेट-100 (SSJ-100) विमान तैयार किया जाएगा। यह वही सुखोई परिवार का विमान है, जिसकी पहचान मजबूती और विश्वसनीयता के लिए होती है, लेकिन सुपरजेट-100 को खासतौर पर पैसेंजर ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है। इसे छोटे रनवे पर उड़ान भरने और उतरने की क्षमता के कारण “छोटे रनवे का बाहुबली” कहा जाता है।

समझौते पर UAC के सीईओ वादिम बादेहा और HAL के चेयरमैन डॉ. डी.के. सुनील ने हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत HAL को भारत में सुपरजेट-100 के निर्माण का लाइसेंस मिलेगा। इतना ही नहीं, इस विमान की बिक्री, मरम्मत और रखरखाव (MRO) की जिम्मेदारी भी HAL के पास होगी।

रूसी कंपनी UAC इस परियोजना में तकनीकी सहयोग और डिजाइन सपोर्ट उपलब्ध कराएगी, जिससे HAL की फैक्ट्रियों में इस आधुनिक विमान का उत्पादन संभव हो सके। जानकारों का मानना है कि यह डील भारत के क्षेत्रीय हवाई संपर्क, रोजगार सृजन और एविएशन सेक्टर को नई मजबूती देगी।


 ह्मोस भारत की एक सबसे यूनिक मिसाइल सिस्टम है, जिसको किसी भी देश के लिए रोकना करीब-करीब असंभव है.

रूस का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ट्रायम्फ दुनिया के सबसे शक्तिशाली रक्षा तंत्रों में गिना जाता है। यह सिस्टम मैक 14 तक की रफ्तार से उड़ने वाले टार्गेट को पहचानने, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या S-400, भारत की घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को रोक सकता है?

बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के भीतर ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल किया था, जिससे पाकिस्तान के अहम सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा। उस समय पाकिस्तान के पास S-400 जैसा मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम नहीं था। उसने चीनी डिफेंस सिस्टम का सहारा लिया, लेकिन वह ब्रह्मोस को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।

हालांकि, स्थिति चीन के मामले में अलग है। चीन के पास इस समय S-400 के कुल 6 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिन्हें उसने 2014 में रूस से समझौते के तहत हासिल किया था। वहीं भारत ने 2018 में रूस के साथ 5 S-400 स्क्वाड्रन की डील की थी, लेकिन अब तक केवल 3 स्क्वाड्रन ही तैनात हो पाए हैं। यूक्रेन युद्ध के कारण रूस से डिलीवरी में देरी हुई है, हालांकि इस साल एक और स्क्वाड्रन मिलने की संभावना जताई जा रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस की लो-लेवल फ्लाइट, तेज गति और सटीकता इसे बेहद घातक बनाती है। लेकिन S-400 जैसे मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम के सामने इसकी चुनौती और जटिल हो जाती है। ऐसे में चीन के खिलाफ ब्रह्मोस की प्रभावशीलता रणनीति, संख्या और समय पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

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   जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। तलाक के करीब 12 साल बाद, जेनिफर की जिंदगी में दोबारा प्यार लौटने की खबरें सामने आ रही हैं। इंडस्ट्री में चर्चा है कि अभिनेत्री एक जाने-माने टीवी एक्टर को डेट कर रही हैं और दोनों का रिश्ता अब दोस्ती से आगे बढ़ चुका है।

जेनिफर विंगेट ने साल 2012 में अभिनेता करण सिंह ग्रोवर से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद जहां करण सिंह ग्रोवर ने बिपाशा बसु से शादी कर ली, वहीं जेनिफर लंबे समय तक सिंगल रहीं और पूरी तरह अपने करियर पर फोकस करती नजर आईं।

अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर का नाम मशहूर टीवी एक्टर करण वाही के साथ जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों की दोस्ती काफी पुरानी है और समय के साथ यह रिश्ता और गहरा होता चला गया। दोनों को कई मौकों पर साथ समय बिताते देखा गया है, जिससे फैंस के बीच शादी की अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों की मानें तो जेनिफर और करण अपने रिश्ते को लेकर गंभीर हैं और परिवार की सहमति से आगे बढ़ने की योजना बना सकते हैं। हालांकि, अभी तक दोनों में से किसी ने भी इन खबरों पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन फैंस इस खबर से बेहद खुश नजर आ रहे हैं और जेनिफर की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। 

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 राष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता का विमान क्रैश हो गया है.

 महाबारामती, महाराष्ट्र — बुधवार सुबह एक गंभीर विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राजनीतिज्ञ अजीत पवार का निधन हो गया है। हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान हुआ, जब चार्टर प्लेन नियंत्रण खो बैठा और आग के गोले बनकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान मुंबई से सुबह करीब 8 बजे उड़ान भरकर बारामती के लिए आ रहा था, जहाँ अजीत पवार स्थानीय चुनाव प्रचार कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे। लैंडिंग के समय ही विमान गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई

इस दर्दनाक हादसे में अजीत पवार के अलावा उनके दो सहयोगी और पायलट-क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं, और कोई भी यात्री ज़िंदा नहीं बचा है।  ने बताया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होते ही भयंकर धमाके और धुएँ के बड़े गुब्बारे उठते देखे गए।

हादसे के बाद बारामती और महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लोकजन प्रत्यक्ष स्थानों पर उमड़ रहे हैं और चिकित्सा तथा सुरक्षा अधिकारी घटनास्थल पर जुटे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और राज्य प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और कहा है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करवाई जाएगी।

अजीत पवार महाराष्ट्र के अनुभवी नेताओं में से एक थे और लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। उनके आकस्मिक निधन से राज्य में राजनीति और प्रशासन दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ा है

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 ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ ब्रेट ली ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाज़ी से दुनियाभर के बल्लेबाज़ों में खौफ पैदा किया। लंबे रन-अप, स्मूद एक्शन और 150 किमी प्रति घंटे से ज़्यादा की रफ्तार ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों में शामिल कर दिया। लेकिन जिस क्रिकेट ने ब्रेट ली को नाम, शोहरत और दौलत दी, उसी खेल ने उनकी निजी ज़िंदगी में गहरी दरार भी डाल दी।

बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्रेट ली की पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई। साल 2006 में उन्होंने एलिज़ाबेथ कैंप से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता महज तीन साल में ही टूट गया। बताया जाता है कि ब्रेट ली का क्रिकेट के प्रति जुनून इतना ज़्यादा था कि वह अपनी पर्सनल लाइफ को समय नहीं दे पाए। उनका ज़्यादातर वक्त क्रिकेट टूर, ट्रेनिंग और मैचों में बीतता था, जिससे रिश्ते में दूरियां बढ़ती चली गईं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान रिश्ते में विश्वास की कमी भी सामने आई और हालात तलाक तक पहुंच गए। यह सब उस समय हुआ जब ब्रेट ली अपने करियर के शिखर पर थे। तलाक के बाद ब्रेट ली गहरे सदमे में थे, लेकिन उन्होंने कभी अपने दर्द को मैदान पर हावी नहीं होने दिया।

ब्रेट ली की यह कहानी बताती है कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने की कीमत कई बार निजी रिश्तों के टूटने के रूप में भी चुकानी पड़ती है।

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  नई दिल्ली: 1 साल से कम उम्र के बच्चों की डाइट को लेकर माता-पिता अक्सर परेशान रहते हैं। इस उम्र में बच्चों का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए कुछ चीजें उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, सबसे पहले शहद बिल्कुल न दें। इससे बोटुलिज्म जैसी गंभीर बीमारी का खतरा होता है। इसके अलावा चीनी, नमक, पैकेट वाले जूस, सॉफ्ट ड्रिंक, बिस्किट और नमकीन बच्चों के लिए हानिकारक हैं। गाय का दूध भी 1 साल से पहले न दें, क्योंकि यह बच्चे का पेट पूरी तरह पचा नहीं पाता और आयरन की कमी हो सकती है।

कुछ चीजें सीमित मात्रा में दी जा सकती हैं, जैसे अंडा (अच्छी तरह पका हुआ) और ड्राई फ्रूट्स पाउडर या पेस्ट में, लेकिन किसी भी नई चीज़ को देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सुरक्षित और हेल्दी विकल्पों में मां का दूधउबली और मैश की हुई सब्ज़ियां जैसे गाजर, कद्दू और लौकी, दलिया और चावल का मांड, और मैश किया हुआ केला या सेब शामिल हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इस उम्र में बच्चे को सादा, ताजा और बिना मसाले वाला खाना ही देना चाहिए। सही डाइट से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ती है, पाचन ठीक रहता है और भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव होता है।


  नई दिल्ली:

दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह साफ बना रहा। शनिवार को लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया, जिससे लोगों को प्रदूषण से राहत मिली।

हालांकि, करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बना रहा और लोगों को ठंड का एहसास होता रहा। सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा महसूस की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। विभाग ने मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज हवाओं और तापमान में हल्की गिरावट के कारण ठंड और बढ़ सकती है।


  नई दिल्ली

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि “एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया जाता है और सरकार खामोश रहती है।”

अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के साथ लगातार हो रहे अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ भाषणों और जश्न तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है, गरीब मरीजों को समय पर दवा और इलाज नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि युवा कितनी भी डिग्रियां हासिल कर लें, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। पढ़ा-लिखा युवा हताश और निराश है, लेकिन सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड और औपचारिकता का दिन नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को याद करने का अवसर है। अगर जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नहीं मिलेगा, तो लोकतंत्र सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाएगा।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रचार से बाहर निकलकर जनता के असली मुद्दों पर काम करे और संविधान की मूल भावना का सम्मान करे।


 उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिख रहा है। 26 जनवरी 2026 को यूपी में सोने ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹3520 प्रति 10 ग्राम उछलकर ₹1,65,030 तक पहुंच गया है, जबकि मेरठ में इसका भाव ₹1,65,040 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

काशी यानी वाराणसी के सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में जोरदार तेजी देखने को मिली। यहां 24 कैरेट सोना ₹3330 की बढ़त के साथ ₹1,62,100 प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले 25 जनवरी को इसका भाव ₹1,58,770 प्रति 10 ग्राम था। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है।

चांदी की बात करें तो इसमें भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। यूपी में चांदी की कीमत ₹5000 प्रति किलो बढ़कर ₹3,40,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है। एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को चांदी का भाव ₹3,35,000 प्रति किलो था।

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना-चांदी लगातार मजबूत बने हुए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


  बिहार के सीतामढ़ी जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई, लेकिन परिजनों ने तीन दिन तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया। वजह जानकर हर कोई हैरान रह गया—पहले मुआवजे में मिलने वाली जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, फिर शव को अंतिम विदाई दी गई।

यह मामला सुरसंड थाना क्षेत्र के मलाही गांव का है। गांव निवासी नईम अंसारी (55) 20 जनवरी को अपने खेत में गेहूं की पटवन कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में मवेशियों से फसल बचाने के लिए लगाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मौत के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने फैसला सुनाया कि जिस खेत में करंट लगा तार था, उसके मालिक रत्नेश सिंह मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर चार कट्ठा जमीन देंगे। दोनों पक्षों में सहमति बनी, लेकिन पंचायत ने एक हैरान कर देने वाली शर्त रख दी—जब तक जमीन की रजिस्ट्री पूरी नहीं होगी, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा

इस फैसले के तहत सुरसंड से एक फ्रीजर मंगवाया गया और किसान का शव तीन दिनों तक फ्रिज में रखा गया। जैसे ही जमीन की रजिस्ट्री पूरी हुई, उसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब इंसानियत से पहले कागजी कार्रवाई जरूरी हो गई है


 नई दिल्ली। राजनीति और सिनेमा के रिश्ते पर अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस विषय पर बेहद साफ और बेबाक राय रखी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने संसद में फिल्मी सितारों की भूमिका पर खुलकर बात की और जया बच्चन की तुलना रेखा से करते हुए कई दिलचस्प बातें साझा कीं।

राजीव शुक्ला ने बताया कि जया बच्चन संसद में अपने अनुशासन, गंभीरता और मुखर स्वभाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जया बच्चन को किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल पसंद नहीं है और वे “रत्ती भर भी बेपरवाही बर्दाश्त नहीं करतीं।” जरूरत पड़ने पर वे मंत्रियों तक को टोकने से पीछे नहीं हटतीं। संसद में उनकी उपस्थिति फिल्मी सितारों में सबसे बेहतरीन मानी जाती है और वे हर सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं।

इसके उलट, राजीव शुक्ला ने कहा कि रेखा को पूरी तरह सक्रिय राजनेता नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि रेखा संसद सत्रों में बहुत कम आती थीं और उन्होंने सांसद के रूप में मिलने वाली सुविधाएं—जैसे सरकारी बंगला या फंड—भी नहीं लीं। उनका झुकाव राजनीति से ज्यादा दूरी बनाए रखने का रहा।

इंटरव्यू के दौरान राजीव शुक्ला ने जया प्रदा की मेहनत और राजनीतिक सक्रियता की भी सराहना की। इसके अलावा उन्होंने सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसे राज्यसभा सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि हर सेलेब्रिटी की राजनीति में भूमिका अलग-अलग होती है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर सिनेमा और राजनीति के रिश्ते पर चर्चा तेज हो गई है।


 महाराष्ट्र के पुणे शहर में शनिवार रात एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मगरपट्टा चौक जैसे व्यस्त और आईटी हब इलाके में 7–8 युवकों की एक गैंग ने जमकर उत्पात मचाया। नशे की हालत में सड़कों पर उतरे इन युवकों ने न सिर्फ दुकानों में तोड़फोड़ की, बल्कि राहगीरों और टपरी चालकों पर भी हमला कर दहशत फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए अचानक हिंसक हो गए। कुछ आरोपियों के हाथों में हथियार भी बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदार व ग्राहक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

इस पूरी घटना का वीडियो आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवकों का यह समूह मिलकर सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहा है और आम लोगों पर हमला कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच में जुटी है।

मगरपट्टा चौक पुणे का एक प्रमुख आईटी और रिहायशी इलाका माना जाता है। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना ने न सिर्फ स्थानीय दुकानदारों बल्कि यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।