Bangladesh में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालिया घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चांदनीपुर इलाके में एक दिव्यांग हिंदू महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना में शामिल तीनों आरोपी पहचाने जा चुके हैं, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश को जन्म दिया है।
इसी बीच गायकबांधा क्षेत्र में एक हिंदू वकील की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर उनकी जान ली। इन घटनाओं के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल है।
देश के प्रधानमंत्री Tarique Rahman के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बावजूद विपक्षी दल और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच जारी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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